रांची, दिसम्बर 4 -- रांची, विशेष संवाददाता। ठंड में सड़क किनारे खुले आसमान में सो रहे लोगों के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को स्वत: संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार और नगर निगम से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी। मीडिया रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कड़ाके की ठंड में रांची रेलवे स्टेशन, कांटाटोली, रिम्स, अलबर्ट एक्का चौक और कचहरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे सोते दिखे। बोरा बिछाकर लोग सोए थे। ठंड से बचने के लिए लोह कागज और प्लास्टिक जला रहे थे। इन लोगों को आश्रय गृह के बारे में किसी प्रकार की जानकारी नहीं थी। जबकि रांची नगर निगम में 12 से अधिक आश्रयगृह हैं जहां बेड, कंबल, तकिया, पेयजल और शौचालय की सुविधा बिल...