गाजीपुर, जुलाई 21 -- गाजीपुर। नगर के खुदाईपुरा नखास स्थित इमामबाड़ा मीर जामिन हुसैन से पर इमाम ए हुसैन के बेटे इमाम ए सज्जाद की शहादत यानी 25 मोहर्रम को जुलूस ए ताबूत व अलम निकाला गया। सबसे पहले गोलंबर पर दोपहर करीब एक बजे मजलिस की गयी, जिसमें सबसे पहले मौलाना जाबिर अली कुम्मी ने कुरान का पाठ कर शुरुआत की। सोजख़्वानी में कामरान गाजीपुरी ने इमाम ए सज्जाद की शहादत की घटना को दर्द भरे अंदाज में पेश किया। मजलिस को जपला हुसैनाबाद झारखंड से आए इस्लामिक स्कॉलर मौलाना सैय्यद साबिर रजा साबिर ने पढ़ा और बताया कि ये वो इमाम है जिसने कर्बला में अपने पूरे घर को कत्ल होते हुए देखा और सब्र किया क्योंकि सब्र ही दुनिया में सबसे बड़ी शक्ति है। लेकिन जब समय आया तो यही हुसैन का बेटा दरबार ए यजीद में पूरे दरबार को ललकार उठा और अपने ख़ुतबे (संबोधन) से यजीद के काल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.