पाकुड़, फरवरी 8 -- महेशपुर, एक संवाददाता। प्रखंड के सुंदरपुर गांव में विगत कई दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा शनिवार संध्या अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुई। कथा के अंतिम चरण में सुदामा चरित्र की करुणा, राजा परीक्षित के मोक्ष की दिव्य गाथा तथा परम तपस्वी शुकदेव जी की विदाई के मार्मिक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति और भावनाओं के सागर में डुबो दिया। संध्या से लेकर देर रात तक कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरा क्षेत्र राधे-श्याम, जय श्रीकृष्ण तथा भागवत महाराज की जय के जयघोष से गुंजायमान रहा। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचिका पूज्य प्रीति रामानुज जी ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता पद, प्रतिष्ठा और संपत्ति से परे होती है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता त्याग, प्रेम और आत्मीयता का ...