रांची, नवम्बर 24 -- रांची, संवाददाता। पारसनाथ से खंडगिरी-उदयगिरी विहार की क्रमयात्रा पर आए सुतीर्थ सागर जी महाराज ने सोमवार को अपर बाजार में प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान की भक्ति में अपार शक्ति होती है। जब आस्था और विश्वास दिल से जुड़ जाता है, तभी जीवन में चमत्कार होते हैं। कहा कि आज लोगों का भगवान के प्रति विश्वास पहले जैसा दृढ़ नहीं रहा है, इसी कारण चमत्कार दिखाई नहीं देते। जैन दर्शन में भक्ति एक ऐसा आध्यात्मिक अभ्यास है, जो शरीर, मन और बुद्धि की अशुद्धियों जैसे क्रोध, अहंकार, ईष्या, काम एवं द्वेष को दूर कर शांति और ऊर्जा प्रदान करता है। सच्ची भक्ति मनुष्य को आंतरिक संतोष देती है और भय, चिंता व मानसिक पीड़ा दूर होती है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में भक्ति का मूल उद्देश्य मोक्ष प्राप्ति है। भक्ति से कर्मों का बंधन कम होता है और व्यक्ति जी...