खगडि़या, फरवरी 23 -- चौथम। एक प्रतिनिधि सच्ची भक्ति तर्क, ज्ञान और अहंकार से कहीं ऊपर होती है। यह बातें भूतौली गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए वृंदावन से पधारे परम पूज्य डॉ. श्री चतुर नारायण पराशर जी महाराज ने रविवार को कही। उन्होंने विशेष रूप से उद्धव गोपी संवाद का मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया। इस प्रसंग में बताया गया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ज्ञान का संदेश लेकर उद्धव को वृंदावन भेजते हैं, तब गोपियां अपने निष्काम, निस्वार्थ और अनन्य प्रेम के माध्यम से यह सिद्ध कर देती हैं कि सच्ची भक्ति तर्क, ज्ञान और अहंकार से कहीं ऊपर होती है। गोपियों की कृष्ण के प्रति अटूट श्रद्धा, विरह और समर्पण का भावपूर्ण वर्णन सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और वातावरण में ...
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