कन्नौज, नवम्बर 21 -- छिबरामऊ, संवाददाता। नगर के प्रसिद्ध व्यवसायी एवं समाजसेवी ब्रह्मलीन महेश चंद तिवारी की नवमी पुण्यतिथि पर सिद्ध पीठ निर्जन आश्रम पृथ्वीपुर में आयोजित सप्तम दिवस की श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य पंडित हरिशंकर शुक्ल साहित्याचार्य ने कृष्ण सुदामा के पावन प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा सच्चा मित्र धन दौलत नहीं, हृदय देखता है। आचार्य हरिशंकर ने कहा गुरुकुल में साथ पढ़े बाल-सखा श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता सच्ची निष्काम प्रीति की मिसाल थी। समय बीता, कृष्ण द्वारिका नरेश बन गए, वहीं सुदामा अत्यंत दरिद्रता में जीवन यापन करने लगे। पत्नी के आग्रह पर सुदामा मुट्ठी भर चावल लेकर सखा कृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे। द्वार पर पहुंचते ही भगवान श्रीकृष्ण दौड़े आए, सुदामा को हृदय से लगा लिया, चरण धोए, आसन दिया और स्वयं पत्नी रुक्मि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.