नई दिल्ली, जनवरी 5 -- Sakat Chauth Vrat : सनातन परंपरा में सकट चौथ व्रत को संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह व्रत हर साल माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। सकट चौथ को अलग-अलग क्षेत्रों में तिलवा चौथ, तिल-कुटा चौथ, माघी चौथ और वक्र-तुंड चतुर्थी जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से सकट माता, भगवान गणेश और चंद्र देव की उपासना से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से संतान के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। सकट चौथ का धार्मिक महत्व- सकट चौथ, जिसे संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है, भगवान गणेश को समर्पित पर्व है। विघ्नहर्ता गणेश की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और स...