नई दिल्ली, जनवरी 5 -- Sakat Chauth Moonrise Time, Chand Nikalne Ka Samay Kab Hai: सकट चौथ का व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस व्रत में चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देना सबसे अहम माना जाता है। मान्यता है कि चांद देखने के बाद ही सकट चौथ का व्रत पूर्ण होता है और तभी पारण किया जाता है। ऐसे में हर व्रती के मन में यही सवाल रहता है कि सकट चौथ के दिन चांद कितने बजे निकलेगा। सकट चौथ के दिन चंद्रोदय का समय स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर चांद रात के समय निकलता है और इसी दौरान दूध, जल और तिल से चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। व्रती महिलाएं चंद्र दर्शन के बाद ही प्रसाद ग्रहण करती हैं। चंद्र दर्शन के बिना अधूरा है व्रत- सकट चौथ का व्रत चंद्र दर्शन के बिना अधूरा माना जाता है। यही कारण है कि व्रती म...