सीवान, मई 11 -- गुठनी, एक संवाददाता। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद सरकार द्वारा पाकिस्तान पर किए गए ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व सैनिकों ने अपनी मनसा और राय प्रकट की है। प्रखंड के बलुआ गांव निवासी रिटायर्ड सूबेदार भूपेंद्र कुमार तिवारी ने भी कारगिल युद्ध के यादों को साझा किया है। उन्होंने उस विकट परिस्थिति को याद करते हुए कहा कि अचानक पंजाब से उनकी फौज को राजस्थान के पोखरण में मूव करने का हेड क्वार्टर से आर्डर आया। उनकी यूनिट की एक कंपनी पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों के लिए रवाना हो गई। हालांकि, पाकिस्तान द्वारा राजस्थान के एरिया में किसी तरह की कोई सैन्य कारवाई नहीं की गई। लेकिन, कारगिल में किसी भी फौजी को इस बात की जानकारी नहीं थी कि दुश्मनों की पोजिशन क्या है। उनकी संख्या कितनी है। वह किन-किन चोटियों पर कब्जा किए हुए हैं। वे उसे रात की...
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