मुरादाबाद, दिसम्बर 10 -- मुरादाबाद। महिलाओं के प्रसव संस्थागत ही हों यानि कोई भी प्रसव घर में नहीं हो शत-प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में कराए जाने को सरकार का विशेष फोकस है। सरकारी अस्पतालों में प्रसव सुनिश्चित कराने के लिए सरकार की तरफ से यहां प्रसव कराने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन धनराशि दी जा रही है, लेकिन, इसके बावजूद कथित घरेलू प्रसव का कलंक नहीं मिट रहा है। मुरादाबाद में प्रसव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की जारी हुई रिपोर्ट में एक साल के अंदर बारह हजार बच्चे अस्पतालों के बाहर यानि घरों में पैदा होने की हकीकत सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अक्तूबर 2024 और अक्तूबर 2025 तक हुए प्रसव से संबंधित रिपोर्ट जारी की गई है। जिसके मुताबिक इस अवधि में 56 हजार 705 प्रसव संस्थागत होने का लक्ष्य निर्धारित था। जिसके सापेक्ष 44 हजार 441 प्रसव संस्थागत य...