लखनऊ, मई 30 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। भारतीय सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत से युवा पीढ़ी खासतौर से बच्चों को जोड़ने के लिए संस्कृति विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन सांस्कृतिक कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को लोकनृत्य, लोकसंगीत, चित्रकला, कठपुतली, नाटक, पारम्परिक हस्तशिल्प तथा लोक कथाओं जैसे विविध विधाओं के माध्यम से प्रशिक्षण देना है। यह प्रशिक्षण स्थानीय कलाकारों, गुरुजनों और विशेषज्ञों द्वारा दिया जाएगा। जिससे प्रतिभागियों को तथ्यपरक और व्यवहारिक ज्ञान मिल सके और वे अपनी जड़ों से जुड़ सकें। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कोने-कोने में भारतेंदु नाट्य अकादमी, संगीत नाटक अकादमी, लोक एवं जनजातीय कला संस्थान, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, बिरज...
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