एटा, नवम्बर 13 -- वर्षा योग समापन के बाद दिगंबर जैन साधु-साध्वियों का बिहार प्रारंभ हो चुका है। एटा नगर में प्रज्ञा श्रमण संत अमित सागर महाराज के सुयोग्य शिष्य पाठशाला प्रणेता मुनि अनुमान सागर महाराज का प्रातः 8 बजे कुरावली से चलकर एटा नगर में मंगल प्रवेश हुआ। गुरुवार प्रात: 8 बजे मैनपुरी की ओर से महाराज श्री जीटी रोड डिग्री कालेज से घंटाघर, महावीर पार्क, विमर्श चौक होते हुए पुरानी बस्ती स्थित बड़े मंदिर पहुंचे। जहां उनका भक्तों ने पादप्रक्षालन किया गया। मुनिश्री ने श्रावकों को बताया कि जो आत्मा को पवित्र करें, जिससे दूसरे को कष्ट न हो, जो हमें अच्छा लगे वह पुण्य क्रिया है। उन्होंने गुरु का अर्थ बताया ग से गर्व और र से रहित अर्थात जो गर्व से रहित हैं वह गुरु हैं। जो गूढ़ रहस्य जानते हैं। वह गुरु हैं। जो गलत मार्ग पर जाने से रोकते हैं वह स...