संतकबीरनगर, फरवरी 6 -- मेंहदावल, हिन्दुस्तान संवाद। बिहार के पूर्व विधायक टुन्ना जी पांडेय ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। बल्कि यही संस्कारों के निर्माण और व्यक्तित्व विकास की सबसे मजबूत आधार शिला है। बुनियादी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही बच्चों के जीवन को सही दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि समाज और परिवार की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि लड़के और लड़कियों की शिक्षा पर बिना किसी भेदभाव के समान रूप से ज्ञान दिया जाए। श्री पांडेय शुक्रवार को मेंहदावल क्षेत्र के अमिलहवां गांव में स्थित चम्पा एजुकेशनल एकेडमी के शुभारम्भ अवसर पर आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। इसके अभाव में न तो व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है और न ही समाज प्रगति कर सकता है। शिक्षित नाग...