नई दिल्ली, फरवरी 3 -- केंद्र सरकार ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के मामले का संज्ञान लिया है। सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब के दौरान यह जानकारी दी गई। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री टोखन साहू ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि भागीरथपुरा में 1997 की पुरानी पाइपलाइनें हैं। इनमें से कुछ पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हैं। नगर निगम ने इन पुराने हिस्सों की पहचान कर ली है। इनको अमृत-2 योजना में शामिल किया गया है। मंत्री टोखन साहू ने बताया कि इंदौर नगर निगम ने अमृत-2 के तहत इंदौर शहर की जल आपूर्ति के लिए चार पैकेज की निविदाएं निकाली हैं। इनमें से पहले पैकेज का काम शुरू हो गया है। इस योजना में पूरी जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ पुरानी प्रणाली की मरम्मत और उसे आधुनिक बनाना भी शामिल है। पहला पैकेज पूरी जल आपूर्त...
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