लखनऊ, नवम्बर 27 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा बीते 17 नवम्बर को जारी पत्र से विधान मंडल के दोनों सदनों के विधायकों के बीच उबाल शुरू हो गया है। विधायक इस पत्र को अपने विशेषाधिकार का हनन मान रहे हैं। भाजपा एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने तो इस पत्र को लेकर विधान परिषद सभापति एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो पन्ने का पत्र भी भेजा है। उ‌न्होंने विभिन्न संसदीय नियमों का हवाला देते हुए लिखा है कि प्रमुख सचिव संसदीय कार्य विभाग के पत्र पर कठोरता पूर्वक निर्णय लेकर विधायकों को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की सर्वोच्चता बनाये रखी जाए। देवेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि संसदीय जनतंत्र में प्रतिपादित सिद्धांत है कि कार्य पालिका विधायका के अधीन उसके नियंत्रण में कार्य करेगी। बीती 17 नवंबर को ...