मथुरा, दिसम्बर 11 -- मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अब लगभग अंतिम चरण में आ चुकी है। विधानसभा क्षेत्रों में अब डिजिटाइजेशन की गति धीमी पड़ने लगी है। इसका प्रमुख कारण यही माना जा रहा है कि जितने मतदाताओं को अपना प्रपत्र देना था, वो दे चुके हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जो एक दो फीसदी बढ़ोतरी होनी है, वो धीरे-धीरे होगी। अब ऐसे मतदाताओं को नोटिस देने की तैयारी है, जिसकी मैपिंग नहीं हो सकी है। जनपद में 3 लाख 78 हजार से अधिक ऐसे मतदाता हैं, जिनकी मैपिंग नहीं हुई है। दरअसल एसआईआर का मुख्य उद्देश्य सही मतदाता सूची तैयार करना है, जिसमें एक मतदाता को एक ही विधानसभा में रखना है। इसके लिए वर्ष 2003 से मतदाता का विवरण अपलोड किया जा रहा है। कोई वोटर वर्ष 2003 में बल्देव विधानसभा से वोटर था, लेकिन वर्ष 2025 में वो मथु...