गुड़गांव, फरवरी 19 -- गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। सोहना चौक स्थित ओल्ड ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स में हो रही शिवमहापुराण कथा के आठवें दिन कथावाचक कौशिक महाराज ने कहा कि जब तक दुनियावी वस्तुओं का लालच होगा, साधना सफल नहीं होगी। व्यक्ति का भोगों का लालच जिंदगीभर खत्म नहीं होता। इसलिए वह सिद्ध पुरुष नहीं बन पाता। अगर ऐसा बनना है तो भोग, विलासिता का त्याग करना होगा। कौशिक महाराज ने हर भक्त को गऊओं की सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सिद्ध व्यक्ति स्वयं रतन की तरह हो जाता है। बिना मांगे सब मिल जाता है। वो जो बोलता वही पूरा हो जाता है। साधक की साधना सफल होने के लक्षणों पर महाराज ने कहा कि लक्षणों से पता चलेगा हमारी साधना सफल हो रही है। जिसकी साधना सफलता की ओर से बढ़ेगी उसकी वाणी में मधुरता, क्रोध पर नियंत्रण नजर आएगा। कोई कुछ भी कहे, कोई...
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