लखनऊ, फरवरी 14 -- मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना सैय्यद कल्बे जवाद नकवी ने आसिफी मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद वक्फ संशोधन बिल की निन्दा की। उन्होंने कहा कि यह वक्फ संशोधन बिल नहीं, बल्कि वक्फ खत्म करो बिल है। इस बिल में 14 धाराएं हैं और सभी धाराएं वक्फ के खिलाफ हैं। सरकार औकाफ पर कब्ज़ा करके उन्हें सरकारी इस्तेमाल में लेना चाहती है। मौलाना जवाद ने संयुक्त संसदीय समिति के व्यवहार को भी असंवैधानिक बताया। कहा कि समिति ने जिस तरह से इस बिल को राज्यसभा में पेश किया वह अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक था। जगदंबिका पाल ने असंबंधित व्यक्तियों की राय को महत्व दिया और संबंधित व्यक्तियों की राय को हटा दिया। हम हमेशा कहते आए हैं कि यह कमेटी सिर्फ धोखा देने के लिए बनाई गई थी, अब यह साबित हो गया है। मौलाना ने कहा ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के दस्तावे...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.