लखनऊ, जनवरी 20 -- इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और लखनऊ के शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है, जिसमें न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मदरसे किसी भी बोर्ड से संबद्धता के बिना चलाए जा सकते हैं। मौलाना ने इस फैसले को एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। कहा, फैसले से राज्य भर के मदरसा प्रबंधनों को बड़ी राहत मिली है। संविधान का अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों को अपने शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और संचालन का पूर्ण कानूनी अधिकार प्रदान करता है,ॉ और न्यायालय ने अपने फैसले में इस संवैधानिक प्रावधान की स्पष्ट रूप से पुष्टि की है।

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