हाजीपुर, दिसम्बर 4 -- महुआ एक संवाददाता नहीं पड़ा सिंदूर तथा न ही हुआ अन्य विधि-विधान और संविधान की प्रस्तावना पढ़कर दूल्हा दुल्हन एक दूसरे के हो गए। यह शादी महुआ के छतवारा रायभान में हुई। यहां गांव में चंदेश्वर राम की पुत्री पूजा कुमारी की शादी महुआ थाने के ही कुशहर खास निवासी हरेंद्र राम के पुत्र शशि भूषण कुमार के साथ बौद्धिक रीति रिवाज के साथ हुई। संविधान की प्रस्तावना से विवाह संपन्न कराने वाले दूल्हा के चाचा गजेंद्र राम ने बताया कि यह शादी बौद्धिक रीति रिवाज के साथ हुई,जिसमें बारात पहुंचने के बाद पहले गौतम बुद्ध की वंदना की गई। फिर भारतीय संविधान की प्रस्तावना से वर वधु को संकल्प कराया गया। इसमें पहले वर और फिर वधु को संकल्प कराने के बाद दोनों के एक साथ संविधान की प्रस्तावना को पढ़ाकर संकल्प कराने के बाद जयमाला कराई गई। फिर इसी के सा...