प्रयागराज, नवम्बर 17 -- विश्व मिर्गी दिवस पर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभाग की ओर से सोमवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि मिर्गी की बीमारी का निदान इलाज से संभव है, लेकिन समाज में फैली गलत धारणाएं मरीजों के लिए मुश्किलें बढ़ा देती हैं। उन्होंने कहा कि अचानक बेहोशी, शरीर में झटके आने, मुंह से झाग आने, जीभ कट जाने और दौरे के बाद भ्रम व कमजोरी की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. केके सोनकर ने कहा कि समय पर इलाज और परिवार का सहयोग, मिर्गी के मरीजों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। व्यक्ति में जब मिर्गी के लक्षण दिखें तो उसे सुरक्षित जगह पर लिटा दें। सिर के नीचे मुलायम कपड़ा रख दें। आसपास से खतरनाक वस्तुएं हटा द...