नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने ढाई साल के पोते की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहीं बुजुर्ग महिला धर्मवती को राहत देते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी है। साथ ही हाईकोर्ट में दोषसिद्धि की अपील लंबित रहने तक जमानत पर रिहा करने का आदेश भी दिया है। अदालत ने यह फैसला महिला की उम्र, हिरासत में उनके आचरण और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए सुनाया। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति मनोज जैन की खंडपीठ धर्मवती की सजा निलंबित करने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। महिला के अधिवक्ता जयराज सिंह और दीपांकर शर्मा ने बताया कि उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 430(1) के तहत अर्जी दायर की थी। महिला को ट्रायल कोर्ट ने 11 जुलाई 2025 को आईपीसी की धारा 302 व 34 के तहत दोषी ठहरा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.