नई दिल्ली, नवम्बर 21 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों और शोधार्थियों का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सहायक प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में मनमाने तरीके से मेरिट मानदंड बदलकर योग्य अभ्यर्थियों को साक्षात्कार से बाहर कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि यह कदम यूजीसी 2018 नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। धरनास्थल पर मौजूद अतिथि शिक्षकों ने बताया कि नई स्क्रीनिंग व्यवस्था न केवल अनुचित है, बल्कि कई वर्षों से साक्षात्कार में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों के साथ धोखा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...