नई दिल्ली, दिसम्बर 3 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीएम श्री स्कूलों की कक्षा छह में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा को सही ठहराया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि यह प्रक्रिया बच्चों की मुफ्त शिक्षा व जरूरी शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन नहीं है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने मास्टर जनमेश सागर की दायर याचिका खारिज कर दी है। इस याचिका में तर्क दिया गया था कि छात्रों को प्रवेश परीक्षा के लिए मजबूर करना एक गैर-कानूनी प्रक्रिया है। यह शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 13 का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता की तरफ से उनके पिता ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दिल्ली सरकार के 23 जुलाई 2025 के सर्कुलर को चुनौती दी थी। इस सर्कुलर में वर्ष 2025-2026 के शिक्षा सत्र में सीएम श्री स्कूलों में कक्षा छठी से आठवीं तक के दा...