लखनऊ, जनवरी 27 -- राज्य सरकार जमीनों की बिक्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एक फरवरी से रजिस्ट्री के साथ आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने जा रही है। महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा की ओर से इस संबंध में सभी निबंधकों निर्देश भेज दिया गया है। इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश आनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली 2024 के तहत जमीन बेचने वाले, खरीदने वाले और गवाहों की पहचान 'बायोमीट्रिक' रूप से की जाएगी। आधार आधारित ई-हस्ताक्षर को ही कानूनी मान्यता मिलेगी। साप्टवेयर के माध्यम से पहले सभी विवरण आनलाइन दर्ज होंगे। रजिस्ट्री के दिन पक्षकारों और गवाहों के अंगूठे के निशान का मिलान सीधे आधार के डाटाबेस से किया जाएगा। रजिस्ट्री करने वाले व्यक्ति यदि का अंगूठा आधार से मेल नहीं खा रहा है, तो सिस्टम तत्काल सूचित कर देगा। बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद मौके पर ही फोटो ...
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