लखनऊ, दिसम्बर 2 -- राज्य सरकार चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा न देने वाले अधिकारियों और कर्मियों को अब पदोन्नति नहीं देगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक कर्मियों को चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा 31 जनवरी 2026 तक देना अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद इसकी जानकारी न देने वालों की एक फरवरी से होने वाली पदोन्नति में उसका नाम शामिल नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने मानव संपदा पोर्टल पर राज्य कर्मियों द्वारा चल-अचल संपत्ति का ब्योरा ऑनलाइन करना अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद भी देखने में आ रहा है कि कर्मचारी संपत्तियों का ब्योरा नहीं दे रहे हैं। प्रदेश में आठ लाख से अधिक राज्य कर्मचारी हैं। मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 31 दिसंबर 2025 तक अर्जित सभी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावल...