हरिद्वार, फरवरी 27 -- हरिद्वार, संवाददाता। उत्तरी हरिद्वार स्थित संत शदाणी देवस्थानम में चल रहे धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान नवम पीठाधीश्वर संत डॉक्टर युधिष्ठिर लाल ने संत राजाराम की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर संत डॉक्टर युधिष्ठिर लाल ने संत राजाराम के जीवन और उनके आध्यात्मिक योगदान के बारे में विस्तार से बताया। संत डॉक्टर युधिष्ठिर लाल ने कहा कि संत राजाराम ने तब शदाणी दरबार में रहना शुरू किया और अपनी निस्वार्थ सेवा से माता साहिब को प्रसन्न किया। माता साहिब ने उन्हें धार्मिक प्रवचन और ज्ञान की शिक्षा दी और 1904 में उन्हें 2 साल के लिए हरिद्वार में धार्मिक शिक्षा केंद्र में भेजा गया, जहाँ उन्होंने संस्था के प्रमुख स्वामी चेतन देव से वेद, उपनिषद, व्याकरण और अन्य ग्रंथों की शिक्षा ली।
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