पूर्णिया, फरवरी 2 -- जलालगढ़, एक संवाददाता।माघी पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। लोगों ने विभिन्न तालाबों में आस्था की डुबकी लगाई। इस मौके पर संत रविदास की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। जलालगढ़ के वार्ड नंबर 9 स्थित रामविलास राम के परिसर में संत रविदास जयंती का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संत रविदास के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर प्रकाश डाला। सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. कमल किशोर सिंह ने कहा कि संत रविदास मीराबाई के गुरु थे और उन्होंने भक्ति के माध्यम से समाज को समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने संत रविदास के प्रसिद्ध वाक्य "मन चंगा तो कठौती में गंगा" का उल्लेख करते हुए बताया कि सच्ची उपासना बाहरी आडंबर से नहीं, बल्कि मन की पवित्रता से होती है। वक्ताओं ने बताया कि संत रविदास मध्यकालीन भक...
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