बाराबंकी, मार्च 21 -- त्रिवेदीगंज। रामराज्य को लाना है तो मानवता को अपनाना है। मनुष्य शरीर से बढ़कर कोई योनि नहीं है, क्योंकि इसी मनुष्य शरीर में परमात्मा से मिलने का एकमात्र दरवाजा है। उस दरवाजे का भेद केवल संत महात्मा ही जानते हैं। जिसे पाने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि पहले आप मानवतावादी बने। मानव धर्म और कर्म को अपनावें। यह बात जयगुरुदेव धर्म विचारक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज जी महाराज ने त्रिवेदीगंज ब्लॉक के ग्राम रांभी में जनजागरण यात्रा के दौरान कही। श्रद्धालुओं ने उनका गाजे-बाजे से स्वागत किया। पंकज जी महाराज ने कहा कि जन्म-जन्मांतरों के जब पुण्य उदय होते हैं तब हमको आपको यह मनुष्य शरीर प्राप्त होता है। इन आंखों से जो कुछ भी हमें दिखाई देता है वह सब माया की छाया है। हम रात में स्वप्न देखते हैं, वह हमको सच मालूम होता लेकिन...
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