कौशाम्बी, जनवरी 25 -- कड़ा विकास खंड के तराई स्थित अंबाई बुजुर्ग एवं कंथुआ स्थित विभिन्न आश्रमों में रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता एवं जल बचाओ-जीवन बचाओ के प्रणेता रणविजय निषाद ने दर्जनों संतों व महात्माओं को अंगवस्त्र भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता रणविजय निषाद ने कहा कि संतों, महात्माओं, वृद्धजनों एवं निराश्रितों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। संतों और प्राणी मात्र की सेवा हमारी उदात्त सभ्यता एवं सनातन संस्कृति का मूल आधार है। सभी संस्कृतियों का उद्देश्य मानव सभ्यता के उत्थान के साथ-साथ ऋषि, मुनियों और महात्माओं द्वारा मानव सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाना रहा है। आगे कहा कि हमें यथायोग्य संत-महात्माओं का सम्मान एवं सेवा भाव से समादर करना चाहिए। क्योंकि इससे दूषित विचारों का क्षय होता है तथा समाज में सुख, ...