रांची, मार्च 18 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे की संसद में संताल परगना को अलग राज्य बनाने और झारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा और आरएसएस की विभाजनकारी राजनीति का एक और उदाहरण है, जो झारखंड के लोगों के संघर्ष और बलिदान का अपमान है। झारखंड राज्य का गठन लंबे संघर्ष और अनेक शहादतों के बाद संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी की शुरुआत से ही इस क्षेत्र में आदिवासियों और अन्य समुदायों ने अपने अधिकारों और पहचान के लिए आंदोलन किया। भूमिज विद्रोह, कोल विद्रोह और 1938 में जयपाल सिंह मुंडा के नेतृत्व में झारखंड पार्टी का गठन जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम इस संघर्ष का हिस्सा रहे हैं। इन आंदोलनों में हजारों लोगों ने अपने प्राणों की आह...
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