दुमका, दिसम्बर 14 -- दुमका, प्रतिनिधि। दुमका के कन्वेंशन सेंटर में स्टेट लेवल लीगल सर्विसेज कम एंपावरमेंट कैंप के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि आज भी समाज में अंधविश्वास के कारण महिलाओं एवं कमजोर वर्गों को डायन बताकर हिंसा का शिकार बनाया जाता है, जो अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डायन नाम की कोई चीज नहीं होती, यह केवल अज्ञानता और भ्रम का परिणाम है। न्यायमूर्ति ने कहा कि ऐसे कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुमका, साहिबगंज, पाकुड़ व गोड्डा सहित आसपास के इलाकों में ट्रैफिकिंग की समस्या काफी बन...