संभल, जनवरी 4 -- हिंदू धर्म में माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है। इसी दिन संतान के सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना से सकट चतुर्थी या सकट चौथ का व्रत रखा जाता है। यह पर्व तिल-कुटा चौथ, तिलवा चौथ, माघी चौथ और वक्र-तुण्डी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। सनातन परंपरा में इसे अत्यंत पुण्यदायी व्रत माना गया है। पंडित शोभित शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 6 जनवरी को प्रातः 8:01 बजे प्रारंभ होकर 07 जनवरी को प्रातः 06:52 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार सकट चौथ का व्रत 06 जनवरी 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन चंद्र देवता का उदय रात्रि 08:59 बजे होगा, जिसके बाद व्रती महिलाएं चंद्र दर्शन कर व्रत का पारण करेंगी। सकट चौथ का व्रत सकट माता, भगवान गणेश और चंद्र देवता को समर्पि...