पटना, दिसम्बर 10 -- पटना हाईकोर्ट ने स्मार्ट मीटर समेत अन्य टेंडरों में आईएएस संजीव हंस को रिश्वत देने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अभियुक्त बनाए गए अलग-अलग निजी कंपनियों से जुड़े तीन लोगों को जमानत दे दी है। तीनों में करीब 10 महीने से जेल में बंद हैं। इसके साथ ही इनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देविंदर सिंह आनंद, माइनिंग एंड इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन के निदेशक उत्तम कुमार डागा उर्फ उत्तम डागा और धुत इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पवन धुत उर्फ पवन कुमार धुत को बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति चंद्र शेखर झा की एकलपीठ ने तीनों आवेदकों की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दी। आवेदको की ओर से अधिवक्ता अनुराग सौरभ, हर्ष सिंह ने दलीलें पेश कीं। उनका कहना थ...