टिहरी, नवम्बर 6 -- डिजिटल युग में जहां सरकार डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन व्यवस्था की बात कर रही है, वहीं भिलंगना ब्लॉक का सेमल्थ गांव आज भी नेटवर्क विहीन है। यहां के ग्रामीणों को मनरेगा जाब कार्ड की ऑनलाइन केवाईसी जैसे साधारण कामों के लिए भी चार किलोमीटर दूर तक पैदल चलना पड़ता है। ग्राम प्रधान अमित गौड़ ने बताया कि गांव में वर्षों से मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा पूरी तरह ठप है। कई बार विभागों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि आज के समय में मनरेगा हाजिरी, भुगतान, निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग, बैंकिंग सेवाएं और शासन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होती हैं, लेकिन नेटवर्क न होने से ग्रामीण इन सुविधाओं से वंचित हैं। प्रधान अमित गौड़ ने बताया कि ग्रामीणों को किसी जरूरी काम के लि...
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