लखनऊ, अगस्त 17 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर नियामक आयोग ने निजीकरण के मसौदे को मंजूरी दी तो आयोग दफ्तर के बाहर मौन प्रदर्शन किया जाएगा। संघर्ष समिति ने निजीकरण का मसौदा निरस्त करने की मांग की है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि निजी घरानों की मिलीभगत से तैयार किए गए निजीकरण के मसौदे को अगर मंजूरी दी जाती है तो बिजली कर्मचारी विरोध प्रदर्शन को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि 5 अक्तूबर 2020 को संघर्ष समिति के साथ हुए लिखित समझौते में आयोग के मौजूदा चेयरमैन के दस्तखत हैं। तब वह पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष थे। समझौते में लिखा था कि बिजली कर्मचारियों को भरोसे में लिए बिना यूपी के किसी भी क्षेत्र में बिजली का निजीकरण नहीं होगा। अब अगर आयोग मसौदे को मंजूरी देता है तो व...
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