मधुबनी, फरवरी 21 -- मधुबनी। बिहार के प्रथम क्राफ्ट विलेज जितवारपुर में शनिवार को आयोजित समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन कलाकारों की लंबी तपस्या का सार्वजनिक सम्मान था, जिन्होंने अभाव और संघर्ष के बीच भी मधुबनी पेंटिंग की परंपरा को जीवित रखा। कभी सीमित साधनों और अनिश्चित आय के सहारे कला साधना करने वाले इन परिवारों के लिए यह क्षण भावुक कर देने वाला रहा। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पद्दश्री कलाकारों की मौजूदगी में जब वर्षों के संघर्ष की चर्चा हुई, तो साफ दिखा कि यह उपलब्धि किसी एक योजना का परिणाम नहीं, बल्कि पीढ़ियों की मेहनत और विश्वास की जीत है। हैंडिक्राफ्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बिहार म्यूजियम के सहयोग से क्राफ्ट विलेज विकसित करने के शुभारंभ के मौके पर माहौल उत्साह और भावुकता से भरा रहा, जहां गांव की बेटियों के स्...