पटना, नवम्बर 19 -- विश्व विरासत सप्ताह (19-25 नवंबर) के अंतर्गत बिहार संग्रहालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी बुधवार को हुई। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा बिहार विरासत विकास समिति की ओर से आयोजित संगोष्ठी का विषय 'बिहार के विश्व विरासत: वर्तमान एवं भविष्यगत संभावनाएं' था। शुभारंभ करते हुए संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सभ्यताओं के विकास का चक्र निरंतर चलता रहता है। भारत की प्राचीन सभ्यता अत्यंत विकसित थी, बाद में विकास का केंद्र पश्चिम की ओर गया और अब पुनः पूर्वाभिमुख प्रवृत्तियां स्पष्ट दिख रही हैं। बिहार विरासत विकास समिति के पूर्व कार्यपालक निदेशक डॉ. विजय कुमार चौधरी ने कहा कि एशिया की अधिकांश सभ्यताओं के विकास पर बिहार का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पांच पहाड़ियों से घिरी मगध साम्राज्य की पहली रा...