अयोध्या, जनवरी 14 -- रुदौली,संवाददाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचार देश की स्वतंत्रता से पूर्व ही कार्य कर रहा था। विपरीत परिस्थितियों में भी इसके स्वयंसेवकों ने स्वदेश प्रेम के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। अपने महापुरुषों से प्रेरणा लेते हुए देश के उत्थान के लिए हम सबको संगठित होकर सक्रियता से कार्य करने की आवश्यकता है। हमें अपनी जड़ों को मजबूत रखना है सदैव उससे स्वयं को संबद्ध रखना है। अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भूलने से हम कमजोर हो सकते हैं। भारत भूमि को अपनी मां मानकर एक पुत्र भाव से हम सबको कार्य करना होगा। यह बातें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष संपत राय ने रुदौली के एक लॉन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित हिंदू सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता ...
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