नवादा, सितम्बर 23 -- नवादा। राजेश मंझवेकर नवादा शहर में आवारा पशुओं की समस्या बेहद गंभीर बन गई है, जिससे आमजन जीवन, यातायात और स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है। हाल के वर्षों में यह समस्या सिर्फ बढ़ती ही जा रही है, समाधान के लिए कुछ भी सार्थक प्रयास नहीं हुए। पहल की बात कई बार सामने आयी जरूर, मगर जमीनी स्तर पर असर अभी भी बहुत कम नजर आता है। समस्या का मौजूदा स्वरूप यह बन कर उभर रहा है कि नवादा शहर और उसके आसपास के इलाकों में सैकड़ों की संख्या में आवारा कुत्ते, गाय, भैंस और सांढ़ खुलेआम घूमते रहते हैं, जो सड़क पर पैदल चलने वालों, साइकिल और बाइक सवारों के लिए खतरा बन गए हैं। खासतौर पर स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग, कामकाजी महिलाएं और सुबह-शाम बाजार जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। सबसे बड़ी चिंता सड़क किनारे पशुओं के बैठने या ...