हल्द्वानी, जुलाई 21 -- हल्द्वानी, संवाददाता। मूल निवासी संघ ने सरकारी स्कूलों में भगवत गीता के श्लोक सुनाए जाने का आदेश वापस लिए जाने की मांग की है। सोमवार को उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा कि धर्म विशेष के ग्रंथ से शिक्षा देना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 28 (1) के खिलाफ है। जिससे धर्मनिरपेक्ष भारत की अवधारणा को खतरा बना हुआ है। कहा की एक समुदाय से जुड़े धार्मिक ग्रंथ को लागू कर विद्यालय में पढ़ रहे अन्य समुदाय के विद्यार्थियों को असहज किया जा रहा है, जो सामाजिक समरसता और समावेशी शिक्षा के उद्देश्यों के विपरीत है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से तत्काल इस आदेश वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक चनियाल, जिलाध्यक्ष जीआर टम्टा, जिला महासचिव एडवोकेट गंगा प्रसाद, जिला प्रभारी आरपी गंगोला मौजूद रहे।
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