सीवान, फरवरी 5 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। प्रखंड के गायघाट में आयोजित श्री रुद्र महायज्ञ के तीसरे दिन सोमवार की रात प्रयागराज से पधारी प्रसिद्ध कथावाचिका त्रिपाठी साधना शास्त्री ने शिव-पार्वती विवाह का मार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर हर हर महादेव के जयकारे लगाते रहे। कथावाचिका ने शिव विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि जब शिवजी का श्रृंगार हुआ तो वह लोक-लौकिक सुंदरता से परे, वैराग्य और करुणा का प्रतीक था। जटाओं में मुकुट, सांपों के आभूषण, भस्म और बाघम्बर धारण किए महादेव का रूप अद्भुत था। उन्होंने बताया कि भोलेनाथ को भस्म इसलिए प्रिय है, क्योंकि वे सभी को समान भाव से अपनाते हैं, चाहे वह समाज का उपेक्षित वर्ग ही क्यों न हो। कथा में शिव बारात का जीवंत वर्णन किया गया, जिसमें भूत, प्रेत, पिशाच, योगिनियाँ औ...