लखनऊ, अक्टूबर 12 -- भगवान के प्रति ऐसी श्रद्धा और समर्पण की भावना होने चाहिए कि भगवान, भक्त का निश्छल प्रेम देख उसकी भक्ति पर पूर्ण विश्वास हो जाए। ये विचार मानस मर्मज्ञ पंडित उमाशंकर व्यास जी महाराज ने भक्तों को श्री रामकथा सुनाते हुए व्यक्त किए। गोसाईंगंज के शिशुमंदिर इंटर कॉलेज मैदान में यु्गतुलसी श्री रामकथा समिति द्वारा आयोजित श्री रामकथा ज्ञान महायज्ञ में उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम ने भक्त हनुमान से कहा कि वो उनकी भक्ति से प्रसन्न हैं, कुछ मांग ले। तब हनुमान जी ने कहा कि वे भगवान के भक्तों की सेवा करना चाहते हैं और प्रभु की इच्छा पूरी करना ही उनकी सबसे बड़ी कामना है। उन्होंने कहा कि जहां भी श्री रामकथा होती है वहां रामभक्त हनुमान कथा सुनने के लिए उपस्थित रहते हैं। व्यास जी ने कहा कि श्री रामकथा हर कामना पूर्ण करने वाली होती है। ...
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