बदायूं, सितम्बर 18 -- बिसौली, संवाददाता। श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर कथा वाचिका अंबिका देवी द्वारा भगवान के विवाह प्रसंग की कथा का गुणगान किया गया। श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हो गये। विवाह गीत पंडाल में गूंजने लगे। कथा वाचिका अंबिका देवी द्वारा श्री कृष्ण सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया। भगवान की सुदामा से मित्रता देखकर पूरी द्वारकापुरी अचंभित हो रही थी अपने मित्र का आगमन सुनकर भगवान नंगे पैरों दौड़ पड़े। पीतांबर शरीर से गिर गया द्वार पर सुदामा को गले लगाया, महल में लाकर सिंहासन पर बैठाया और प्रेम के आंसुओं से सुदामा के चरण धोये पानी परात को हाथ छुओ नहीं नैनन के जल से पग दोहे देख सुदामा की दीन दशा करुणा करके करुणा निधि रोये। कथा में बताया भगवान को बचपन की गुरुकुल की सुदामा से मित्रता की यादें ताजा हो ...
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