अलीगढ़, नवम्बर 11 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी को कल बुधवार को आश्लेषा नक्षत्र शुक्ल योग बालव करण के शुभ संयोग में श्री महाकाल भैरव अष्टमी मनाई जाएगी। भैरव अष्टमी बुराइयों को छोड़ कर सद्मार्ग की ओर बढ़ने का दिन है। इस दौरान भक्त विशेष पूजा पद्धति के माध्यम से भगवान भैरव को प्रसन्न करेंगे। पं. ह्रदय रंजन शर्मा ने बताया कि भैरव का नाम सुनते ही मन मे भाय व्याप्त हो जाता है, जबकि ऐसा नहीं है। भैरव शिव के ही अंश हैं। मां सती के अंग जहां जहां गिरे थे, वे सभी शक्ति पीठ हो गए। भगवान शिव ने प्रत्येक शक्ति पीठ की रक्षा हेतु एक भैरव नियुक्त किए हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार भैरव भी भगवान शंकर के ही अवतार हैं। इनकी उपासना से मनुष्य की समस्त विपत्तियों का नाश होता है। कामनाओं की पूर्ति होती है। व्यक्ति जीवन भर यशस्वी और सु...
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