अररिया, दिसम्बर 22 -- फारबिसगंज, एक संवाददाता अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाकर जो हमें बचने-बढ़ने का सही पथ दिखाये, वही होतें हैं सद्गुरू। वे युग, काल और समय के अनुसार नर तन देह धारण कर युग के अनुसार सरल विधान देतें हैं और वे ही होते हैं पुरुषोत्तम। वर्तमान के पुरुषोत्तम हैं श्रीश्रीठाकुर अनुकूलचंद्रजी जो हमें एक प्रकृत मनुष्य बनने का सही एवं सरल राह दिखाते हैं। उक्त बातें परम प्रेममय श्री श्री ठाकुर के आईटीआई स्थित मंदिर सह सत्संग केंद्र में परम प्रेममय श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्रजी के 138 वां जन्मोत्सव पर कटिहार से आगत बालमुकुंद चौधरी उर्फ़ मिस्टर दा ने धर्मसभा में संबोधित करते हुए कही। वहीं मधुबनी के प्रवीण कुमार दा ने उपस्थित माताओं, युवाओं एवं गुरु भाईयों को डीपी वर्क प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रत्येक घर जाकर श्री श्री ठाकुर जी के प्रेम का...
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