आगरा, जनवरी 23 -- अखिल भारतीय श्री राम नाम जागरण मंच के तत्वावधान में शहर के बारह पत्थर मैदान में चल रहे श्री राम कथा अमृत महोत्सव एवं पर्यावरण सुरक्षा यज्ञ के पंचम दिवस पर कथा वाचक ने अहिल्या के उद्धार एवं श्रीराम-जानकी विवाह की कथा वृतांत सुनाया। विवाहोत्सव के धार्मिक भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। श्रीराम-माता सीता की जय-जयकार के स्वर से पंडाल गूंज उठा। कथा अमृत महोत्सव में पंचम दिवस पर व्यासपीठ से संत रमेश भाई शुक्ल महाराज ने अहिल्या उद्धार सहित श्री राम जी के विवाह उत्सव की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि सीता स्वयंवर की कथा मिथिला के राजा जनक द्वारा आयोजित एक प्रतियोगिता है। इसे शिव धनुष (पिनाक) की प्रत्यंचा चढ़ाने वाले से सीता का विवाह तय था। कई राजाओं के विफल होने के बाद, ऋषि विश्वामित्र के साथ आए भगवान राम ने धनुष को आसानी से उठा...
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