कौशाम्बी, दिसम्बर 16 -- नगर पंचायत अजुहा के नेतानगर मोहल्ले के टांडा रोड पर चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन मगंलवार को कथावाचक अरुण महराज द्वारा भक्तों को राम वनवास की कथा सुनाई गई। कथा के प्रसंगों को सुनकर मौजूद श्रोता भाव विभोर हो गए। कथावाचक ने बताया कि अयोध्या के राजा दशरथ ने ज्येष्ठ पुत्र राम को युवराज बनाने की घोषणा किया। इसके बाद नगर में तैयारी चल रही थी। दासी मंथरा के कहने पर महारानी कैकेई ने महाराज दशरथ से अपने दो वरदान मांग लिए। इसमें अपने बेटे भरत के लिए राज्य व राम को 14 वर्ष का वनवास शामिल रहा। माता-पिता की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम, मां सीता, लक्ष्मण के साथ वनवास के लिए निकल पड़े। इस दौरान नगर वासी रोते हुए उन्हें विदा किया। मंत्री सुमंत के साथ भगवान श्रीराम पत्नी व भाई के साथ तमसा नदी के पास एक रात विश्राम किया। इस दौरान उनकी...