मुजफ्फर नगर, मई 19 -- श्री श्यामा श्याम मंदिर में कथा व्यास पं. गोविंद बृजवासी ने श्रीराम कथा में सीता हरण, सुग्रीव मित्रता व लंका दहन की कथा का प्रसंग सुनाया। कथा वाचक ने बताया कि चित्रकूट मंदाकिनी और ऋषिमुनियों की धरती है ऋषि अगस्त मुनि ने श्रीराम को अस्त्र शस्त्र सौंपे थे। चित्रकूट से श्रीराम सीता और लक्ष्मण सहित पंचवटी दंडकारण्य वन में रहने लगे। एक दिन रावण की बहन सुपर्णखा लक्ष्मण से विवाह की जिद कर बैठी। लक्ष्मण ने उनकी नाक भंग कर दी। रावण ने साधु वेश धर कर माता जानकी का हरण किया। गिद्धराज जटायु माता सीता की मदद के लिए रावण से युद्ध किया। भील जाती की भक्त सबरी ने राम को झूठे फल खिलाए। श्रीराम की मुलाकात रुद्र अवतार हनुमान जी से हुई। श्री राम ने बाली का वध कर सुग्रीव की मदद की। हनुमान जी सीता माता की खोज में निकले और लंका में रावण पुत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.