देवघर, फरवरी 9 -- मधुपुर,प्रतिनिधि। स्थानीय पंचमंदिर दुर्गा मंदिर प्रांगण में चल रहे नवाह्न परायण यज्ञ और श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा में प्रभु श्रीराम के जन्म की कथा बड़े ही रोचक ढंग से सुनाई गई। कथा वाचक मधुसूदन शास्त्री ने असुरों द्वारा लोगों को प्रताड़ित करना, देवताओं और माता पृथ्वी का क्रंदन,भगवान विष्णु का अवतार लेने और असुरों का नाश करने के वचन को बड़े ही आकर्षक शैली में प्रस्तुत किया। संत शिरोमणि तुलसीदास ने अपने श्रीरामचरित मानस में बड़ा ही सुंदर वर्णन किया है, नौमी तिथि मधुमास पुनीता, सुकल पच्छ अभिजीत हरि प्रीता।। मध्य दिवस अति सीत न घामा, पावन काल लोक विश्रामा।। ऐसे मंगल ग्रहों की उपस्थिति में भगवान श्रीराम ने महाराज दशरथ की नगरी अयोध्या में अवतार ले लिया। चूंकि प्रभु का अवतार असुरों के विनाश के लिए हुआ, उन्होंने महल के आंगन म...